|| शनिवार संवाद || 18-07-2026
पिछले दिनों डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम पूर्ण हुआ. पूर्वी तथा पश्चिमी कॉरिडोर से हमने उत्तरी भारत को सोनपुर और जेएनपीटी बंदरगाह को जोड़ दिया. पश्चिम में और बंदरगाह भी ऐसे जुड़ गये.कॉस्ट वाइस ये प्रोजेक्ट थोड़ा महंगा लगता है, पर इसका फायदा क़ीमत से ज्यादा है. पूरी परियोजना कोई पचास हजार करोड़ की लागत से बना है.पहले गुड्स के यातायात का समय बहुत ज्यादा था, जिसमें अगर आप पोर्ट पर लोडिंग और अनलोडिंग का समय जोड़ दे तो हम अनकंपिटिटिव हो जाते थे. कॉस्टिंग सिर्फ यातायात का नहीं होता, आप अपने उत्पाद को बनाने के लिए समय और यातायात का समय जोड़ दे तो ये काफी ज्यादा हो जाता है.टोटल कास्टिंग बढ़ जाती है,इसमें raw मैटिरियल,लेबर अन्य खर्चे के साथ लॉजिस्टिक्स कॉस्ट भी होती है. Compliance कॉस्ट भी जोड़ दे.इस पर आप ब्याज जोड़ दे जो आप बैंक को दे रहे है या आपको मिलने वाला ब्याज घटा दे तो आप कम्पीटीशन से बाहर हो जाते है.भारत की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट लगभग 14-15% थी . जो बड़े देशों की तुलना में बहुत ज्यादा है. बड़े देशों की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट लगभग 6% की आती हैं.अब आप किसी भी वस्तु को एक्सपोर्ट करते है या नॉर्थ से वेस्ट, ईस्ट या साउथ की तरफ डोमेस्टिक लॉजिस्टिक्स का गुना भाग करे तो भी कीमत ज्यादा हो जाती है.एक्सप्रेसवे और फ्रेट कॉरिडोर से न सिर्फ लागत कम हो रही है जो आपके वर्किंग कैपिटल अन्य जरूरी कामों के लिए फ्री हो रही है. आपका ब्याज कम लगेगा और ये आपके प्रॉफिट को बढ़ाएगा.फिलहाल लॉजिस्टिक्स कॉस्ट 8% के आसपास है. जो हमें कॉम्पिटिटिव तो बना रहा है साथ ही लॉजिस्टिक्स टाइम में certainity आ रही है.समय पर आपका उत्पाद अगर बाजार में हो तो आप अपने कारोबार को और ज्यादा बढ़ा सकते है.आने वाले समय में आप इसमें और बचत की उम्मीद कर सकते है, मल्टीमॉडल ट्रांज़िट पर काम बड़ी तेजी से होरहा है. जो हमारे कास्टिंग को कम करेगा.अभी प्रोजेक्ट कॉस्ट ज्यादा लग रही है और समय भी ज्यादा लग रहा है पर प्रोजेक्ट कम्प्लीट हो रहे. जो आपको बिजनेस को बढ़ाने में मददगार होगा.समय की जरूरत है इन प्रोजेक्ट्स, की जो आपको अपना व्यवसाय बढ़ाने मे मदद करे.
Market Update 📰:
- 🇮🇳 Indian Market: Dalal street ended the week on a positive note as encouraging Q1 earnings boosted investor confidence. Strong buying in IT 💻, banking and heavyweight stocks supported the rally, while better-than-expected corporate results kept sentiment upbeat despite global uncertainty. 📈 Investors also tracked crude oil prices and Middle East developments, with earnings remaining the key driver of market direction.
- 📊 FII & DII activity: In the cash market, FIIs sold equities worth ₹9,119 Cr, while DIIs bought ₹9,808 Cr.
- 🌍 Global Market: Indices remained volatile as renewed U.S.-Iran tensions and disruptions around the Strait of Hormuz pushed crude oil prices higher. ⛽ Easing U.S. inflation provided some relief to investors, while AI-driven semiconductor stocks stayed in focus despite technology sector swings. China reported strong exports 📦 but slower economic growth, and the Q2 earnings season began with investors watching corporate performance closely.
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